सॉफ़्ट स्टोरी

टाई में बंधा जेंटलमैन

कुछ अजब गजब खेल है इस टाई का

ऎसे सोचा जाए तो बहुत छोटी सी चीज़ है, पर जो गले से लगा ले वह गले लगाते ही बड़ा बन जाता है. ना जाने कैसा जादू है इस टाई में, पहनने वाला का रुतबा बढ़ा देती है. एक ज़माने में टाई लगाने को रसूख का प्रतीक माना जाता था. सामने वाले की बात करने की टोन टाई वाले के सामने आते ही करिश्माई रूप से बदल जाया करती थी. आज का दौर कुछ अलग है, लेकिन जेंटलमैन के व्यक्तित्व की बात करें तो बिना टाई के जैंटलमैन ऐसा है जैसे बिना रसगुल्ले के शादी का खाना. क्या कर सकते हैं कल्पना? नहीं..बिल्कुल भी नहीं.बच्चों की स्कूल यूनिफॉर्म से लेकर ऑफिसों के अफसरों तक टाई का बोलबाला है.

कुछ अजब गजब खेल है इस टाई का. इसकी वजह है, मैं दावे से कह सकता हूं कि जितने लोग टाई पहनते हैं उनमें से अस्सी फ़ीसदी लोगों को असल में टाई बांधना आता ही नहीं है. यह कोई कैग जैसी संस्था का किया गया अंकेक्षण नहीं है, मेरा अपना तजुर्बा है. बचपन के स्कूल से लेकर आज तक जितने लोग मेरे संपर्क में टाई पहनने वाले आए हैं, उनमें से ज्यादातर को टाई बांधना आता ही नहीं है. अधिकांशत: तो लोग पूछते हैं कि कोई है जो हमारी टाई की नॉट बांध दे? बस फिर क्या था हम भी चौड़ें हो जाते और बड़ी ही उदघोष ध्वनि के साथ घोषणा करते कि हां..हां..लाईये ना हम बांध देते हैं. फिर टाई की नॉट बांधने के बाद जो तारीफ और धन्यवाद मिलता यकीन मानिए किसी प्रकांड पंडित जैसी भावना मन में जागृत हो जाती. ऐसा लगता जैसे किसी विषय में पीएचडी की उपाधि हासिल कर ली हो. वैसे बहुत ही मजेदार अविष्कार है ये टाई. मजेदार इसलिए कि अच्छे-अच्छे उलझ जाते हैं इसमें.

Image Source: howmendress

जब बात अविष्कार की आई है तो जानते हैं टाई का संक्षिप्त इतिहास. बात सत्रहवीं शताब्दी की है जब फ्रांस में तीस साल के युद्ध के दौरान किंग लुई ने क्रोएशिया के सैनिकों को भाड़े पर मंगवाया. जिन्होंने अपनी एक अलग पहचान के लिए गर्दन के चारों ओर कपड़े का टुकड़ा पहना हुआ था. किंग ने इस प्रकार के स्कार्फ या कपड़े के टुकड़े को पसंद किया और युद्ध समाप्त होने के बाद रॉयल सभाओं के लिए इसे अनिवार्य कर दिया. क्रोएशिया के सैनिकों का सम्मान करने के लिए उन्होंने इसे “ला क्रावेटे” नाम दिया और आज भी फ्रांस में इस नाम को नेकटाई के लिए इस्तेमाल किया जाता है. देखते ही देखते यह चलन पूरे फ्रांस और फिर पूरे यूरोप में फैल गया. फिर ये फैशन पूरी दुनिया में फैल गया और इस कदर फैला कि पूरी दुनिया में अट्ठारह अक्तूबर को टाई डे मनाया जाने लगा. जिसकी शुरुआत भी क्रोएशिया से हुई

टाई के वैज्ञानिक तथ्य भी होते हैं. टाई बांधने पर क्रॉस की तरह की जाती है. क्रॉस धनात्मक ऊर्जा को संग्रहित करता है और नकारात्मक ऊर्जा को निष्क्रिय करता है. इससे हमारे शरीर को वातावरण से पॉजिटिव एनर्जी प्राप्त होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है. साथ ही साथ एक तथ्य यह भी है कि टाई गले पर बांधी जाती है जिससे हमारी रीढ़ की हड्डी पर भी दबाव पड़ता है और ये दवाब एक्यूप्रेशर का काम करता है. जिससे एक तरफ जल्दी थकान नहीं होती, दूसरी तरफ शरीर में स्फूर्ति बनी रहती हैं.

Image Source: thecoolist

इस प्रकार टाई के इतिहास, भूगोल, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान पर गौर करने के बाद यह निष्कर्ष निकलता है कि असल में जितनी साधारण चीज है टाई, किसी के गले में आने पर उसको उतना ही असाधारण बना देती है. स्कूल के छात्रों से लेकर इंटरव्यू के लिए जाते युवाओं से होते हुए शीर्ष पदों पर बैठे अधिकारियों तक जेंटलमैन का अस्तित्व बिना टाई के पूर्ण नहीं होता. जेंटलमैन की छवि जब नजरों के सामने उभरती है तो टाई उसका सबसे महत्वपूर्ण भाग होती है.

  • अंतत: कहा जा सकता है कि जैंटलमैन की परिभाषा टाई के इर्द-गिर्द घूमती है.
टैग

एक टिप्पणी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

संबंधित समाचार

Back to top button
Close
Close