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फ्लिप्कार्ट और अमेजॉन से लाखों प्रोडक्ट हुए गायब, क्या फिर से बिकेगी फ्लिप्कार्ट ?

1फरवरी से देश में लागू हुए विदेशी निवेश के नए नियमों से देश की बड़ी ऑनलाइन कंपनियों को झटका लगा है. एफडीआई के नए नियम से फ्लिप्कार्ट और अमेजॉन जैसी कंपनियों की बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. दरअसल नए नियम के तहत कंपनियों को अपने प्रोडक्ट ऑनलाइन मार्केट से हटाने पड़ रहे हैं. जिसकी वजह से इन ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों से लगातार ग्राहकों की संख्या कम हो रही है. ऑनलाइन बिजनेस के एक्सपर्ट्स ने आशंका जताई है की अगर आने वाले दिनों में स्थितियां अगर बेहतर नहीं हुईं तो वॉलमार्ट फ्लिप्कार्ट से नाता तोड़ फ्लिप्कार्ट को बेचकर अपना बाजार भारत से समेट कर कंपनी निकल जाएगी. जैसे चीन में अमेजॉन ने अपनी कंपनी को बंद कर दिया था. नए एफडीआई कानून लागू होने से विदेशी कंपनियों को भारत में कारोबार करने में मुश्किलें आ रही हैं. फ्लिप्कार्ट के प्रवक्ता ने कहा भी हम नए नियम को लागू कर रहे हैं. लेकिन सरकार ने नई एफडीआई पॉलिसी को लागू करने में जल्दीबाजी दिखाई है. हमें इसकी उम्मीद अभी नहीं थी.

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पिछले साल अमेरिकी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट इंक ने भारत के फ्लिप्कार्ट में 77 प्रतिशत का शेयर खरीदा था. जिसके नतीजतन फ्लिप्कार्ट पर मालिकाना हक वॉलमार्ट के पास है. नए नियम के अनुसार फ्लिप्कार्ट को अपने 25 प्रतिशत प्रोडक्ट को निकालना पड़ेगा. साथ ही फ्लिप्कार्ट और अमेजॉन के एक्सक्लूसिव डील भी प्रभावित होंगी. दोनों कंपनियों को इस तरह से 50 प्रतिशत तक की कमाई करती थी. फ्लिप्कार्ट सबसे अधिक कमाई मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बेचकर करता था.

एक फरवरी से नए कानून लागू होते ही अमेजॉन ने अपने ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट से कई प्रोडक्ट्स को बाहर कर दिया है.
एफडीआई के नए नियम के मुताबिक विदेशी निवेश वाली ई कॉमर्स कंपनियों पर वो विक्रेता अपने प्रोडक्ट्स की बिक्री नहीं कर सकते हैं. जिनमें उनकी हिस्सेदारी है. मीडिया की खबरों के मुताबिक नई ई कॉमर्स नियम लागू होने के दूसरे दिन ही फ्लिप्कार्ट और अमेजॉन की ऑनलाइन मार्केट से 4 लाख के करीब प्रोडक्ट्स गायब हो गए थे. नए नियम की सबसे अधिक मार अमेजॉन पर पड़ी है. कंपनी की वेबसाइट से बच्चों के समान के साथ साथ इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट समेत तमाम प्रोडक्ट्स गायब हैं.

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फ्लिप्कार्ट और अमेजॉन समेत किसी भी विदेशी निवेश वाली कंपनियों पर अब एक्सक्लूसिव सेल नहीं होगी. दरअसल ये कंपनियां लगातार सेल के जरिए मोबाइल समेत तमाम चीजें बेच रही थीं. जिसकी वजह से खुदरा व्यापारियों के कारोबार बंद होने के कगार पर आ गए थे. जिसकी वजह से नए एफडीआई नियम लागू करने पड़े हैं.

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