स्टेट न्यूज़

सिर्फ 1 यात्री को पहुंचाने के लिए 535 KM चली राजधानी एक्सप्रेस, युवती की जिद के आगे झुका रेलवे

टाना भगतों के आंदोलन के कारण डाल्टनगंज में रूकी राजधानी एक्सप्रेस में 930 यात्री आगे का सफर बस से तय करने के लिए हुए तैयार जबकि एक यात्री नहीं मानी.

रांची डेस्क: सिर्फ एक युवती की जिद के चलते राजधानी एक्सप्रेस 535 किमी का सफर तय कर रांची पहुंची. यह सफर उस युवती के रूप में केवल एक ही यात्री को लेकर पूरा किया गया. राजधानी एक्सप्रेस को डाल्टनगंज से सीधे रांची आना था. डाल्टनगंज से ट्रेन के जरिए रांची की दूरी 308 किलोमीटर है. लेकिन युवती ने राजधानी से ही रांची जाने की जिद की तो आखिरकार एक युवती की जिद के आगे रेलवे बोर्ड को झुकना पड़ा.

ट्रेन को गया ले जाकर गोमो व बोकारो होकर रांची लाना पड़ा. डाल्टनगंज से गया 217 किलोमीटर व गया से बोकारो 202 किलोमीटर और बोकारो से रांची 116 किलोमीटर यानि कुल 535 किलोमीटर का सफर राजधानी ने एक युवती अनन्या को लेकर किया. ट्रेन रात 1.45 बजे रांची स्टेशन पहुंची.

रेलवे ट्रैक था जाम

ट्रेन के बी-3 बोगी में रांची एचईसी कॉलोनी की अनन्या सफर कर रही थी. लेकिन डालटनगंज में टाना भगतों के प्रदर्शन के कारण ट्रेन रूकी रही. बाकी यात्रियों को बस से रांची भेजा गया. लेकिन यह युवती जाने को तैयार नहीं थी. वह बार-बार बोल रही थी कि वह राजधानी एक्सप्रेस से ही जाएगी. बस से जाना होता तो ट्रेन का टिकट क्यों लेती. टिकट राजधानी एक्सप्रेस का है तो इसी से जाऊंगी. संभवत: रेलवे के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक सवारी को छोड़ने के लिए राजधानी एक्सप्रेस ने 535 किलोमीटर की दूरी तय की.

बस से भेजा गया यात्रियों को 

200 से अधिक की संख्या में टाना भगत लातेहार के चंदवा में रेलवे ट्रैक को जाम कर दिया है. रेलवे ट्रैक जाम होने के कारण नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस रांची नहीं पा पायी. जिसके बाद प्रशासन ने बस से डालटनगंज स्टेशन से यात्रियों को रांची बस भेजा. टाना भगत बुधवार शाम करीब पांच बजे से ही रेलवे ट्रैक पर बैठे हैं.

टाना भगत झारखंड में कोल परियोजना को बंद करने की मांग कर रहे हैं. टाना भगतों का कहना है कि झारखंड का खजाना बाहर भेजा जा रहा है. यहां के लोग कंगाल हो रहे है और बाहरी लोग मालामाल हो रहे हैं. टाना भगत भूमि पट्टा और टाना पेंशन की मांग कर रहे हैं. आरपीएफ और जीआरपी के जवान अधिकारी समझाने की कोशिश कर रहे है. वह हटने को तैयार नहीं है.

ट्रेन में नहीं थी महिला सिपाही अकेले आरपीएफ जवान के साथ पहुंची अनन्या

राजधानी ट्रेन में अनन्या अकेली थी. रेलवे को चाहिए था कि सुरक्षा के लिए महिला सिपाहियों को भी ट्रेन में तैनात किया जाए. धनबाद के डीआरएम ने कहा भी था कि अनन्या की सुरक्षा के लिए महिला सिपाही भेजी जाएगी. लेकिन रांची रेलवे स्टेशन पर जब ट्रेन रुकी तो बी3 कोच में सिर्फ आरपीएफ का एक जवान बाबूलाल कुंवर ही महिला की सुरक्षा में तैनात था.

Leave a Reply

संबंधित समाचार

Back to top button